गुजरात में छत्तीसगढ़ पर्यटन की गूंज, अहमदाबाद रोड शो से पर्यटन और निवेश की नई संभावनाओं को मिला विस्तार

गुजरात में छत्तीसगढ़ पर्यटन की गूंज, अहमदाबाद रोड शो से पर्यटन और निवेश की नई संभावनाओं को मिला विस्तार
-छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के रोड शो में 30 पर्यटन हितधारकों और गुजरात के 148 टूर एवं ट्रैवल ऑपरेटरों की भागीदारी, दोनों राज्यों के बीच पर्यटन कारोबार को बढ़ावा देने पर बनी सहमति
-महाप्रभु वल्लभाचार्य की जन्मभूमि चंपारण बनेगी गुजरात और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन का प्रमुख सेतु, प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों से भी जुड़ेंगे गुजराती पर्यटक
रायपुर 31 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक आस्था केंद्रों और जनजातीय परंपराओं को देशभर के पर्यटकों तक पहुंचाने की दिशा में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) के सहयोग से गुजरात के अहमदाबाद स्थित होटल हयात रीजेंसी में भव्य पर्यटन रोड शो का आयोजन किया गया। इस आयोजन ने गुजरात और छत्तीसगढ़ के पर्यटन व्यवसायियों के बीच व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने के साथ ही पर्यटन, निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।रोड शो में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के 30 पर्यटन हितधारकों तथा गुजरात के 148 टूर एवं ट्रैवल ऑपरेटरों ने भागीदारी की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गुजरात के पर्यटन व्यवसायियों, यात्रा संचालकों और संभावित निवेशकों को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों, धार्मिक पर्यटन केंद्रों, प्राकृतिक आकर्षणों तथा पर्यटन क्षेत्र में विकसित की जा रही नई सुविधाओं और संभावनाओं से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे तथा गुजरात पर्यटन निगम की प्रतिनिधि सुश्री अंकिता परमार की विशेष उपस्थिति रही। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के उप महाप्रबंधक श्री पुष्पेन्द्र शर्मा एवं सुश्री पूनम शर्मा सहित पर्यटन क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिनिधि उपस्थित थे।
रोड शो का एक प्रमुख आकर्षण महाप्रभु वल्लभाचार्य जी की जन्मभूमि चंपारण को केंद्र में रखकर तैयार की गई पर्यटन विस्तार की रणनीति रही। छत्तीसगढ़ का चंपारण गुजरात के श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। यहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में गुजराती श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को व्यापक पर्यटन अवसर में बदलने की दिशा में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने विशेष पहल की है।छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे ने कार्यक्रम में विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए गुजरात के पर्यटन व्यवसायियों को बताया कि चंपारण दर्शन के लिए छत्तीसगढ़ आने वाले श्रद्धालुओं को राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक, प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों से किस प्रकार जोड़ा जा सकता है। उन्होंने चंपारण के साथ सिरपुर की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत, राजिम की धार्मिक महत्ता, बस्तर की अनूठी जनजातीय संस्कृति, चित्रकोट जलप्रपात और प्रदेश के अन्य प्रमुख पर्यटन गंतव्यों को शामिल करते हुए आकर्षक पर्यटन यात्रा कार्यक्रम विकसित करने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।इस पहल का उद्देश्य गुजरात से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा को केवल एक धार्मिक स्थल तक सीमित न रखकर उन्हें छत्तीसगढ़ की विविध पर्यटन संपदाओं से परिचित कराना है। इससे पर्यटकों के प्रदेश में अधिक समय तक ठहरने, स्थानीय पर्यटन सेवाओं का उपयोग बढ़ने तथा होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य पर्यटन आधारित व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलने की संभावनाएं हैं।
30 पर्यटन हितधारकों और 148 यात्रा संचालकों के बीच व्यावसायिक बैठकें, पर्यटन पैकेज और साझेदारी पर चर्चा
रोड शो के दौरान छत्तीसगढ़ और गुजरात के पर्यटन व्यवसायियों के बीच आयोजित व्यावसायिक बैठकों में उत्साहजनक सहभागिता देखने को मिली। इन बैठकों में दोनों राज्यों के पर्यटन हितधारकों ने आपसी सहयोग, संयुक्त पर्यटन पैकेज तैयार करने, यात्रा मार्ग विकसित करने, पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने तथा पर्यटन सेवाओं के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।गुजरात के टूर एवं ट्रैवल ऑपरेटरों को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों, धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं, प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विविधता और पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। साथ ही गुजरात के पर्यटकों की रुचि और आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष पर्यटन पैकेज विकसित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ।इन बैठकों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पर्यटन सेवा प्रदाताओं को गुजरात के पर्यटन बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ। इससे भविष्य में दोनों राज्यों के पर्यटन व्यवसायियों के बीच दीर्घकालिक व्यावसायिक संबंध स्थापित होने तथा छत्तीसगढ़ के पर्यटन गंतव्यों तक अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
पर्यटन निवेश की संभावनाओं पर निवेशकों से संवाद, छत्तीसगढ़ में नए अवसरों की जानकारी
रोड शो के साथ एक विशेष निवेशक बैठक का भी आयोजन किया गया, जिसमें गुजरात के पर्यटन क्षेत्र से जुड़े संभावित निवेशकों के साथ छत्तीसगढ़ में पर्यटन निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस दौरान प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों, पर्यटन अधोसंरचना के विकास और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।निवेशकों को छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन संपदाओं के बारे में जानकारी देते हुए प्रदेश में पर्यटन आधारित व्यवसायों के विस्तार की संभावनाओं से अवगत कराया गया। इस संवाद से भविष्य में पर्यटन सुविधाओं के विकास, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ की लोक-संस्कृति ने मोहा गुजरात के अतिथियों का मन
रोड शो के दौरान छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति पर आधारित भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया। प्रदेश की लोककलाओं और सांस्कृतिक परंपराओं की मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित अतिथियों और पर्यटन व्यवसायियों को छत्तीसगढ़ की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान से परिचित कराया।सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अतिथियों ने सराहना की। इस आयोजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ ने न केवल अपनी पर्यटन संभावनाओं को प्रस्तुत किया, बल्कि अपनी जीवंत लोक-संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता की प्रभावशाली झलक भी गुजरात के पर्यटन जगत के सामने रखी।
मीडिया संवाद में छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास और नई पहलों की जानकारी साझा
आयोजन के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों के साथ भी विशेष संवाद किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों, पर्यटन क्षेत्र में संचालित नई पहलों, धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं तथा गुजरात के पर्यटकों को छत्तीसगढ़ से जोड़ने की रणनीति की जानकारी साझा की गई।मीडिया प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं और दोनों राज्यों के बीच पर्यटन संबंधों को बढ़ावा देने के इस प्रयास में विशेष रुचि दिखाई। इस संवाद के माध्यम से गुजरात में छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रदेश की सकारात्मक पर्यटन छवि को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ।
गुजरात और छत्तीसगढ़ के बीच पर्यटन साझेदारी का नया अध्याय
अहमदाबाद में आयोजित यह रोड शो छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है। गुजरात के पर्यटन व्यवसायियों, यात्रा संचालकों और निवेशकों की उत्साहजनक भागीदारी ने दोनों राज्यों के बीच पर्यटन सहयोग की संभावनाओं को नई मजबूती प्रदान की है।
विशेष रूप से चंपारण से जुड़े धार्मिक पर्यटन को आधार बनाकर छत्तीसगढ़ के अन्य पर्यटन स्थलों तक गुजराती पर्यटकों की पहुंच बढ़ाने की रणनीति आने वाले समय में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इससे प्रदेश के पर्यटन व्यवसाय, स्थानीय रोजगार, होटल उद्योग, परिवहन सेवाओं और पारंपरिक हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड का यह प्रयास प्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को देश के प्रमुख पर्यटन बाजारों से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक कदम है। अहमदाबाद रोड शो से विकसित हुए नए संपर्क और व्यावसायिक संबंध भविष्य में गुजरात से छत्तीसगढ़ आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ाने तथा प्रदेश को एक आकर्षक और विविधतापूर्ण पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने में सहायक होंगे।