सेवा सेतु पोर्टल पर लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें - अपर कलेक्टर

सेवा सेतु पोर्टल पर लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें - अपर कलेक्टर
-राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
 महासमुंद / जिले में शासकीय सेवाओं को पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध बनाने कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्व अधिकारियों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू ने बैठक में राजस्व प्रकरणों के साथ ही सेवा सेतु पोर्टल के अंतर्गत संचालित विभिन्न राजस्व सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान पोर्टल पर लंबित आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने तथा आवेदनों को निरस्त एवं वापस किए जाने के मामलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर कलेक्टर ने सेवा सेतु पोर्टल की दैनिक रिपोर्ट के आधार पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ निर्धारित समय में मिलना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए अनावश्यक विलंब से बचना होगा।
अपर कलेक्टर ने सेवा सेतु पोर्टल पर निरस्त एवं वापस किए गए आवेदनों की तहसीलवार और सेवावार समीक्षा की। उन्होंने अनुविभागीय अधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि ऐसे आवेदनों के निरस्त या वापस किए जाने के कारणों की निरंतर जांच करें तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही, आवेदनों के निरस्तीकरण एवं वापसी की स्थिति पर सतत निगरानी रखने को कहा गया, ताकि पात्र आवेदकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि जिन सेवा सेतु प्रबंधक आईडी से आवेदनों के निरस्त एवं वापस होने की संख्या अधिक पाई जाती है, ऐसी आईडी को चिह्नित कर इसकी जानकारी जिला कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। इससे आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने और कमियों को समय रहते दूर करने में मदद मिलेगी।
अपर कलेक्टर ने अधिकारियों को अवगत कराया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाएं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत संचालित हैं। इन सेवाओं की समीक्षा राज्य कार्यालय द्वारा भी निरंतर की जा रही है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी निर्धारित समय-सीमा, प्रक्रियाओं एवं नियमों का पालन करते हुए आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए राजस्व अधिकारियों को निर्देशों का गंभीरता से पालन करने तथा आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर जोर दिया।