​कांग्रेस की अंतर्कलह, गुटबाजी और नेतृत्वहीनता से चरमराया संगठनात्मक ढाँचा : भाजपा

​कांग्रेस की अंतर्कलह, गुटबाजी और नेतृत्वहीनता से चरमराया संगठनात्मक ढाँचा : भाजपा
-प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा : कांग्रेस में अब जनसेवा की जगह केवल कुर्सी की लड़ाई और गुटीय वर्चस्व की होड़ मची है
 रायपुर।​भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के भीतर गहराती अंतर्कलह, गुटबाजी और संगठनात्मक बिखराव पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी आज पूरी तरह से नेतृत्वहीनता और आंतरिक कलह के दौर से गुजर रही है, जहाँ जनसेवा की जगह केवल कुर्सी की लड़ाई और गुटीय वर्चस्व की होड़ मची हुई है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा कि छत्तीसगढ़ युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए जारी चुनावी प्रक्रिया के बीच कांग्रेस संगठन और युवा नेताओं के बीच आंतरिक खींचतान व गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। युकां प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए एक नाम पर आम सहमति बनाने का प्रयास पूरी तरह से नाकाम साबित हुआ है। वरिष्ठ नेताओं में सहमति बनने से पहले ही विभिन्न गुटों में शह-मात का खेल शुरू हो गया। उज्ज्वल दीपक ने कहा कि एक तरफ जहाँ प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए बहुकोणीय मुकाबला बनता दिख रहा है, वहीं दूसरी ओर चुनाव प्रक्रिया और नियमों को लेकर युवा नेताओं में भारी नाराजगी व्याप्त है। कई प्रमुख युवा नेता चुनाव प्रक्रिया पर आपत्ति दर्ज कराने और आलाकमान के समक्ष अपनी बात रखने दिल्ली पहुँच चुके हैं। ​वरिष्ठ नेताओं की चेतावनी के बावजूद यदि यह चुनावी रार शांत नहीं हुई, तो युवक कांग्रेस का यह चुनाव संगठन के भीतर जारी गुटीय राजनीति का नया अखाड़ा साबित हो सकता है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा कि चाहे युवक कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में चल रहे अंदरूनी घमासान और धांधली के आरोप हों, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर चल रही आपसी खींचतान हो, या फिर केंद्रीय जाँच एजेंसियों (ईडी) की वैधानिक कार्रवाइयों के खिलाफ आयोजित निष्प्रभ विरोध प्रदर्शन, कांग्रेस का आपसी विवाद अब बंद कमरों से निकलकर पूरी तरह सड़कों पर आ चुका है। कांग्रेस में अब नीति, नीयत या जनमुद्दों पर कोई चर्चा नहीं बची है। प्रदेश से लेकर मैदानी स्तर तक पार्टी केवल अलग-अलग क्षत्रपों के गुटों में बँटकर रह गई है। युवक कांग्रेस के चुनाव में जिस तरह निष्पक्षता की धज्जियाँ उड़ाई गईं और अपने-अपने चहेतों को बैठाने का खेल खेला गया, उससे पार्टी के आंतरिक लोकतंत्र का असली चेहरा उजागर हो चुका है। उज्ज्वल दीपक ने कहा कि ईडी के खिलाफ कांग्रेस का तथाकथित शक्ति प्रदर्शन वास्तव में भ्रष्टाचार को ढँकने और अपने आकाओं को बचाने की नाकाम कोशिश मात्र था, जिससे खुद कांग्रेस के अनेक बड़े नेता तथा समर्पित कार्यकर्ता किनारा किये रहे। कांग्रेस नेतृत्व अपने ही संगठन को सम्भालने में असमर्थ है और उसका संगठनात्मक ढाँचा ताश के पत्तों की तरह ढह रहा है। प्रदेश की जागरूक जनता कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र और सिर-फुटौव्वल को भली-भांति देख रही है।