महाराष्ट्र मंडल भवन, संत ज्ञानेश्वर शाला सहित महिला केंद्रों में हुआ सामूहिक पाठ

महाराष्ट्र मंडल भवन, संत ज्ञानेश्वर शाला सहित महिला केंद्रों में हुआ सामूहिक पाठ

रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की पहल पर शुरू किए गए हनुमान चालीसा पाठ का क्रम इस हफ्ते भी उत्साह के साथ जारी रहा। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभा गृह में बूढ़ापारा, तात्यापारा, वल्लभ नगर, अमलीडीह और सिविल लाइन महिला केंद्र द्वारा आयोजित सावन उत्सव की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ के साथ की गई। इसमें तकरीबन 400 से अधिक महिलाओं ने सामूहिक पाठ किया गया। वहीं मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल के बच्चों के अलावा सुंदर नगर, न्यू राजेंद्र नगर- कमल विहार और सड्डू- मोवा महिला केंद्र में भी उत्साह के साथ पाठ किया गया। 
आध्यात्म प्रभारी आस्था काले ने बताया कि 22 अगस्त को महाराष्ट्र मंडल भवन में आयोजित सावन तीज महोत्सव के दौरान उपस्थित सभी 17 केंद्रों की महिलाएं, मुख्य अतिथि के रूप में पहुंची पद्मश्री फूलबासन बाई यादव सहित अन्य अतिथियों ने हनुमान चालीसा का एक साथ पाठ किया। इस दौरान मंडल का संत ज्ञानेश्वर सभागृह श्री हनुमान चालीसा से गूंज उठा। इसके साथ मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्राइमरी के बच्चों ने शिक्षिका अपर्णा आठले के मार्गदर्शन में मिलकर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। 
आध्यात्मिक समिति की समन्वयक सृष्टि दंडवते ने बताया कि इसी तरह सुंदर नगर महिला केंद्र की महिलाओं ने केंद्र की सदस्य सुरभि गनोदवाले के निवास में एकत्रित होकर पाठ किया। इस दौरान सुरभि गनोदवाले, साक्षी जोशी, सोनम गनोदवाले, भारती पलसोदकर, अंकिता किरवई, अर्चना दंडवते सुजाता निबांळकर, अस्मिता कुसरे और मनीषा मुकादम उपस्थित थी। 
वहीं दूसरी ओर न्यू राजेंद्र नगर, कमल विहार केंद्र की महिलाओं ने केंद्र की बैठक आयोजित कर हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान ज्योति बनकर, सुखदा लाखे, नीलिमा लकपाले, अल्का बापट, सरिता लुलु, मैथिली ठोके, प्रीति गजबे सहित अनेक महिला सभासद उपस्थित रहीं। सड्डू-मोवा केंद्र की महिलाओं ने सदस्या मंजूषा कालकर के घर मेट्रो ग्रीन जिवतीका पूजन और हल्दी कुंकू का भी आयोजन किया। इस अवसर पर मनीषा होशंगाबादे, उर्वशी उरगांवकर, माधवी मोघे, जया चांदवसकर, दिप्ती मुक्तिबोध, सविता अलोणे, मनीषा देशपांडे, स्नेहा बाकरे, माधुरी बर्वे, संगीता देशपांडे, संपदा देशपांडे, सुमति बांछानी,  शालिनी जोशी, मंजूषा काळकर ने सभी को हल्दी कुमकुम कर के पौधों का वाण दिया।