अनियमितता पाये जाने पर एक कृषि केन्द्र की 825 बोरी उर्वरक राजसात एवं लाइसेंस किया गया निरस्त

अनियमितता पाये जाने पर एक कृषि केन्द्र की 825 बोरी उर्वरक राजसात एवं लाइसेंस किया गया निरस्त
 दुर्ग / खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार कृषि विभाग के जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा सतत निगरानी की जा रही है। निरीक्षण दल एवं उर्वरक निरीक्षक द्वारा 13 जून 2026 और 16 जून 2026 को मैसर्स विद्या कृषि केन्द्र बोरी का आकस्मिक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान दुकान में कई अनियमिताओं जैसे उर्वरकों के दर एवं पॉस अनुसार स्कंध का सही उल्लेख न होना, कैश/क्रेडिट मेमो जारी न करना, बिना अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) में प्रविष्ट उर्वरक का भण्डारण, जांच में सहयोग न करना, भौतिक स्टॉक व पॉस स्टॉक में अंतर तथा जांच दल की कार्यवाही में बाधा पहुंचाना पाया गया। जिस हेतु विक्रय क्रेन्द्र को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जप्ती की कार्यवाही की गई। संबंधित प्रतिष्ठान द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण के उपरांत यह पाया गया कि निरीक्षण तिथि में नियम विरुद्ध उर्वरकों का भण्डारण व विक्रय किया जा रहा था, जो उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985, के खण्ड 4, 5, 8(3), 28(4), उर्वरक (संचलन नियंत्रण) आदेश 1973 खण्ड 3(ए), व डीबीटी पद फर्टीलाइजर तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 का स्पष्ट उल्लंघन है। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 6(ए)(1) के तहत रसायनिक खाद 514 बोरी, जैविक खाद 311 बोरी एवं जैव उत्प्रेरक 1.8 कि.ग्रा. जब्ती कर राजसात करते हुए संबंधित प्रतिष्ठान के उर्वरक प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
कृषि विभाग के उप संचालक श्री संदीप भोई ने बताया गया कि किसानों को खाद/कीटनाशक की किल्लत पैदा करने वाले, कालाबाजारी करने वाले या बिना वैध दस्तावेजों के अमानक उर्वरक/कीटनाशक औषधि विक्रय करने वाले कृषि केन्द्रों पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 एवं कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत कड़ी कार्यवाही की जाएगी। साथ ही सभी उर्वरक/कीटनाशक विक्रेताओं एवं समितियों को निर्देशित किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर ही कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराएं तथा अधिक मूल्य वसूली की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। विभाग द्वारा खरीफ सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है। किसान भाई किसी भी प्रकार की कृषि आदान सामग्री वितरण में अनियमितता पाये जाने पर इसकी शिकायत नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय में कर सकते हैं।