वनांचल में बैंकिंग की नई मिसाल: नलकसा की करिश्मा बनीं 8 गांवों की 'बैंक सखी', हर महीने 20 हजार तक की आमदनी
बालोद. सुदूर वनांचल में बसे ग्रामीणों के लिए कभी बैंक जाना और सरकारी योजनाओं की राशि निकालना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन बालोद जिले के डौंडी विकासखंड स्थित ग्राम नलकसा की करिश्मा ढीमर ने इस तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर ‘बैंक सखी’ बनीं करिश्मा आज वनांचल में घर-घर जाकर ग्रामीणों को वित्तीय सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
करिश्मा अपने और आसपास के लगभग आठ गांवों में बैंकिंग सेवाएं दे रही हैं। वृद्धावस्था पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, विकसित भारत जी राम जी जैसी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं की राशि का भुगतान वे सीधे ग्रामीणों के दरवाजे पर माइक्रो एटीएम के जरिए करती हैं। नकद निकासी के अलावा बिजली बिल भुगतान, मोबाइल रिचार्ज और मनी ट्रांसफर जैसी सुविधाएं भी वे ग्रामीणों को उपलब्ध करा रही हैं। इससे ग्रामीणों को बैंक के चक्कर काटने, लंबी कतारों में लगने और आवागमन में होने वाले खर्च व समय की बर्बादी से मुक्ति मिल गई है।
करिश्मा की यह पहल न केवल ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हुई है, बल्कि खुद उनके स्वावलंबन का बड़ा आधार बनी है। वे हर महीने औसतन 8 से 9 लाख रुपये का डिजिटल लेन-देन करती हैं। इससे उन्हें कमीशन के रूप में प्रतिमाह 18,000 से 20,000 रुपये तक की आमदनी हो रही है। इस आय से वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती से संभाल रही हैं और सम्मानजनक जीवन जी रही हैं।
अपनी सफलता और ग्रामीण महिलाओं के जीवन में आ रहे बदलाव से उत्साहित करिश्मा ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में चलाई जा रही योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा, "महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वाभिमान से जीने का अवसर देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद विष्णु भैया।"