जानें मॉनसून में कौन सी सब्जी खाना हेल्दी है और कौन सी नहीं
क्या आप भी मॉनसून में पालक, गोभी जैसी सब्जियां खाते हैं? यह आपको बीमार बना सकती हैं। कई बार मॉनसून में गलत सब्जियों को खाने के कारण तबीयत खराब हो जाती है। जिन सब्जियों को हम शौक से गर्मियों में खाते हैं, उसे मॉनसून आने पर भी खाया जाए, ऐसा जरूरी नहीं है। मॉनसून में गलत सब्जियों का सेवन करने से अपच, गैस, डायरिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जानें अच्छी सेहत के लिए मॉनसून में कौन सी सब्जियां खाएं और किन सब्जियों से परहेज करें?
मॉनसून में खाएं ये सब्जियां
1. करेला
-उमस और नमी वाले मौसम में एक्ने, स्किन एलर्जी बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में करेला खाना फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद विटामिन ए, सी, फाइबर त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
-करेला खाने से इम्यूनिटी को बढ़ाया जा सकता है।
-करेला ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है।
-इसे खाकर दिनभर एनर्जी बनी रहती है। हफ्ते में एक बार करेला खा सकते हैं।
2. लौकी
-मॉनसून में चिपचिपा मौसम होता है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन हो सकता है। इससे बचने के लिए लौकी का सेवन फायदेमंद है क्योंकि इसमें वॉटर कटेंट ज्यादा होता है।
-लौकी हल्की होती है इसलिए पाचन तंत्र पर दबाव नहीं डालती।
-मॉनसून में लौकी का गर्म सूप पिएं या हल्के मसालों के साथ सब्जी बनाकर खाएंगे, तो पाचन स्वस्थ रहेगा।
3. परवल
बारिश के मौसम में कई लोगों को अपच और पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं जिसे दूर करने के लिए परवल का सेवन कर सकते हैं। परवल आसानी से पचने वाली सब्जियों में शामिल है। परवल बाजार में आसानी से मिलती है और इससे पेट में भारीपन और अन्य पाचन समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती है।
4. कद्दू
-कद्दू में विटामिन्स, मिनरल्स और कई पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को एनर्जी देते हैं।
-यह पेट के एसिड को कंट्रोल करने में मदद करता है जिससे मॉनसून में हार्टबर्न और एसिडिटी से राहत मिलती है।
-कद्दू में विटामिन ए और सी मौजूद होते हैं जो मॉनसून में इम्यूनिटी को सपोर्ट करते हैं।
5. तोरई
-तोरई की तासीर ठंडी होती है।
-बच्चे हों या बुजुर्ग सभी इसे आसानी से पचा सकते हैं।
-बाहर का तापमान और नमी लगातार बदलने से मॉनसून में गैस और एसिडिटी होती है। इससे राहत के लिए तोरई का सेवन फायदेमंद है।
-इसमें मौजूद फाइबर कब्ज से राहत दिलाता है।
6. टिंडा
-उमस और नमी वाले मौसम में टिंडा खाना फायदेमंद होता है।
-इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं जो स्किन इंफेक्शन से बचाते हैं।
-इसमें कैलोरी कम होती है जिससे वेट मैनेजमेंट में मदद मिलती है और इसे खाने से पेट के भारीपन से राहत मिलती है।
7. ग्वार की फली
-ग्वार की फली में फाइबर और प्रोटीन जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं।
-इसमें फाइबर ज्यादा होता है इसलिए यह कब्ज से राहत देने में मदद करती है।
-सुस्ती और कमजोरी दूर करने के लिए यह फायदेमंद है।
-यह हड्डियों और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद करती है।
-ग्वार की फली से सूखी भुजिया या सब्जी बनाकर मॉनसून में खाई जा सकती है।
हरी पत्तेदार सब्जियों से बढ़ सकता है गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इंफेक्शन
मॉनसून में कुछ सब्जियों से परहेज भी जरूरी है क्योंकि इनमें मौजूद नमी से सेहत खराब हो सकती है। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पत्तागोभी, पालक वगैरह का सेवन करने से बचें। इन सब्जियों की पत्तियों में नमी होती है जिससे जीवाणु फैल सकते हैं और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
जमीन के नीचे उगने वाली सब्जियों से परहेज करें
कई सब्जियां जमीन के नीचे उगती हैं जैसे गाजर, चुकंदर, मूली वगैरह। मॉनसून में मिट्टी में नमी के कारण ये सब्जियां ज्यादा नमी सोख लेती हैं जिससे पेट में इंफेक्शन हाे सकता है इसलिए मॉनसून में इनसे भी परहेज करें। फूलगोभी और ब्रोकली में फ्लोरेट्स होते हैं जिसके नीचे नमी ज्यादा होती है इसलिए इनके सेवन से भी बचना चाहिए।
कच्ची सब्जियों को खाने से बचें
कच्चा मक्का खाने से बचें और इसी तरह मटर में भी नमी होती है और उसमें फफूंद हो सकता है। मटर या मक्के को पकाना जरूरी है इसलिए मॉनसून में इन्हें कच्चा खाने से बचें। सब्जियों को हमेशा पकाकर खाएं। कुछ कच्ची सब्जियों में बैक्टीरिया हो सकते हैं जिससे अपच, पेट में गैस, पेट दर्द और डायरिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
अंकुरित चना या दाल भी कम खाएं
मॉनसून में अंकुरित चना या दाल भी नहीं खाना चाहिए। कच्चे स्प्राउट्स में बैक्टीरिया हो सकते हैं। इसे उबालने से पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं इसलिए मॉनसून में इनका सेवन कम करें।
ग्रीन हर्ब्स का सेवन कम करें
हमें लगता है ग्रीन हर्ब्स का सेवन सुरक्षित है, लेकिन मॉनसून में इनसे भी बचना चाहिए। धनिया पत्तियों का सेवन भी मॉनसून में ज्यादा नहीं करना चाहिए। मेथी, पुदीना से भी परहेज करें। इनका सेवन करने से पहले अच्छी तरह से धोना न भूलें।