ग्राम पंचायत नाहंदा बना जिले का पहला ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर आधारित ग्राम पंचायत

ग्राम पंचायत नाहंदा बना जिले का पहला ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर आधारित ग्राम पंचायत

बालोद. स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ ग्राम की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत नाहंदा ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिला पंचायत के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायत नाहंदा द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के अनुरूप ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाया है। इस संबंध में ग्राम वासियों द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य, श्रीमती प्रभा नायक, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमति कांति सोनबरसा सहित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री नारायण बंजारा, सरपंच श्री रूपेश सिन्हा एवं पंचगण तथा ग्रामीण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का उद्देश्य केवल कचरा उठाना नहीं, बल्कि कचरे के उत्पादन को कम करना, उसका पृथक्करण, पुनः उपयोग एवं उचित प्रबंधन सुनिश्चित करना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों, पंचायत कर्मियों, स्वच्छाग्रहियों तथा ग्रामीण समुदाय के बीच समन्वय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत के ग्रामीणों द्वारा प्रत्येक घर में 04 तरह के कचरा का पृथक्करण किया जा रहा है, जिसके लिए ग्रामीणों द्वारा स्वयं से टिन के 04 प्रकार के डब्बो का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही सभी सामाजिक संगठन द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक का बैन करते हुए बर्तन बैंक स्थापित किया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत द्वारा कचरा प्रबंधन की शुरुआत स्रोत पर ही कचरे के पृथक्करण से की जा रही है। ग्रामीण परिवारों को गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। घरों से निकलने वाले कचरे का नियमित संग्रहण करते हुए उसे निर्धारित स्थान तक पहुंचाने तथा प्रावधान भी किया गया है। 
ग्राम पंचायत नाहंदा की यह पहल जिले में एसडब्ल्यूएम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रस्तुत करती है। डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत नाहंदा द्वारा की गई यह पहल स्वच्छता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और कचरे को संसाधन में बदलने की सोच को बढ़ावा देने वाली पहल है।