वनकर्मियों की पदोन्नति सूची में गड़बड़ी का आरोप:डिंडौरी विधायक से मिले नाराज कर्मचारी; बोले- बिना नोटिस दिए वेतन से काट लिए पैसे

डिंडौरी जिले में वन विभाग की पदोन्नति प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितता को लेकर प्रभावित वनकर्मी शुक्रवार को शहपुरा से भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे के आवास पर पहुंचे। कर्मचारियों ने विधायक को पदोन्नति सूची में हुई गड़बड़ी से अवगत कराया, जिसके बाद विधायक ने इस मामले को मुख्यमंत्री के सामने उठाने का भरोसा दिया है. इस विसंगति के कारण जिले के लगभग 75 वनकर्मियों का प्रमोशन रुक गया है. नियमों को ताक पर रखकर वसूली की अवधि बढ़ाने का आरोप वनरक्षक ज्योति सरोज धुर्वे ने बताया कि 13 जुलाई 2026 को जारी की गई पदोन्नति सूची में वरिष्ठता और विभागीय नियमों की अनदेखी की गई है। नियम के मुताबिक, विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक 1 अप्रैल 2025 की वरिष्ठता सूची के आधार पर होनी थी. इसके साथ ही कर्मचारियों से होने वाली वसूली की अवधि भी 1 जनवरी से दिसंबर 2025 तक ही मान्य की जानी थी। बिना नोटिस दिए वेतन से काट लिए पैसे प्रभावित कर्मचारियों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारियों ने जानबूझकर वसूली की अवधि को 1 जनवरी से बढ़ाकर जुलाई 2026 तक कर दिया, जिससे कई वरिष्ठ वनकर्मी प्रमोशन के लिए अपात्र हो गए। इसके अलावा अधिकारियों ने वसूली के संबंध में कोई पूर्व नोटिस भी जारी नहीं किया और सीधे कर्मचारियों के वेतन से 140 रुपये से लेकर 200 रुपये तक की कटौती कर ली। सीनियर वनरक्षक रह गए पीछे, जूनियर का हुआ प्रमोशन इस मनमानी प्रक्रिया के चलते साल 1999 से 2008 के बीच भर्ती हुए अनुभवी वनरक्षकों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिल सका. इसके विपरीत, उनके बाद सेवा में आए और केवल कार्यालयों में पदस्थ जूनियर वनकर्मियों को प्रमोट कर दिया गया, जिससे फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों में भारी आक्रोश है. विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाएंगे विधायक ओमप्रकाश धुर्वे भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने पीड़ित वनकर्मियों की मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वन विभाग में 11 साल के लंबे अंतराल के बाद पदोन्नति की जा रही है. ऐसे में महज छोटे-छोटे आर्थिक दंड को आधार बनाकर रात-दिन क्षेत्र में काम करने वाले वनकर्मियों को उनके हक से वंचित करना पूरी तरह गलत है। विधायक ने वनकर्मियों को आश्वासन दिया कि वे इस विषय पर मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव से बात करेंगे और यदि आवश्यक हुआ, तो आगामी विधानसभा सत्र में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लाएंगे.

डिंडौरी जिले में वन विभाग की पदोन्नति प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितता को लेकर प्रभावित वनकर्मी शुक्रवार को शहपुरा से भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे के आवास पर पहुंचे। कर्मचारियों ने विधायक को पदोन्नति सूची में हुई गड़बड़ी से अवगत कराया, जिसके बाद विधायक ने इस मामले को मुख्यमंत्री के सामने उठाने का भरोसा दिया है. इस विसंगति के कारण जिले के लगभग 75 वनकर्मियों का प्रमोशन रुक गया है. नियमों को ताक पर रखकर वसूली की अवधि बढ़ाने का आरोप वनरक्षक ज्योति सरोज धुर्वे ने बताया कि 13 जुलाई 2026 को जारी की गई पदोन्नति सूची में वरिष्ठता और विभागीय नियमों की अनदेखी की गई है। नियम के मुताबिक, विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक 1 अप्रैल 2025 की वरिष्ठता सूची के आधार पर होनी थी. इसके साथ ही कर्मचारियों से होने वाली वसूली की अवधि भी 1 जनवरी से दिसंबर 2025 तक ही मान्य की जानी थी। बिना नोटिस दिए वेतन से काट लिए पैसे प्रभावित कर्मचारियों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारियों ने जानबूझकर वसूली की अवधि को 1 जनवरी से बढ़ाकर जुलाई 2026 तक कर दिया, जिससे कई वरिष्ठ वनकर्मी प्रमोशन के लिए अपात्र हो गए। इसके अलावा अधिकारियों ने वसूली के संबंध में कोई पूर्व नोटिस भी जारी नहीं किया और सीधे कर्मचारियों के वेतन से 140 रुपये से लेकर 200 रुपये तक की कटौती कर ली। सीनियर वनरक्षक रह गए पीछे, जूनियर का हुआ प्रमोशन इस मनमानी प्रक्रिया के चलते साल 1999 से 2008 के बीच भर्ती हुए अनुभवी वनरक्षकों को पदोन्नति का लाभ नहीं मिल सका. इसके विपरीत, उनके बाद सेवा में आए और केवल कार्यालयों में पदस्थ जूनियर वनकर्मियों को प्रमोट कर दिया गया, जिससे फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों में भारी आक्रोश है. विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाएंगे विधायक ओमप्रकाश धुर्वे भाजपा विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने पीड़ित वनकर्मियों की मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वन विभाग में 11 साल के लंबे अंतराल के बाद पदोन्नति की जा रही है. ऐसे में महज छोटे-छोटे आर्थिक दंड को आधार बनाकर रात-दिन क्षेत्र में काम करने वाले वनकर्मियों को उनके हक से वंचित करना पूरी तरह गलत है। विधायक ने वनकर्मियों को आश्वासन दिया कि वे इस विषय पर मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव से बात करेंगे और यदि आवश्यक हुआ, तो आगामी विधानसभा सत्र में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लाएंगे.