मूक-बधिर बच्चियों ने प्रस्तुत की गणेश वंदना
0- महाराष्ट्र मंडल के मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव में प्रकल्पों ने दी बेहतरीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
0- मराठी, हिंदी, पंजाबी, तमिल गीतों पर प्रस्तुतियों से बना सामाजिक समरसता का माहौल
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के दिव्यांग बालिका विकास गृह की मूक- बधिर बच्चियों ने संत ज्ञानेश्वर सभागृह के स्व. कुमुदिनी वरवंडकर रंगमंच पर गणेशोत्सव में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में गणेश वंदना की बेहतरीन प्रस्तुति दी। जिसे दर्शकों ने खूब तालियां बजाकर प्रतिसाद दिया।
शहीद मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के पांचवें दिन महाराष्ट्र मंडल सामाजिक समरसता का केंद्र बन गया। मंडल के प्रकल्पों संत ज्ञानेश्वर स्कूल (एसडीवी), सखी निवास (कामकाजी महिला वसती गृह व छात्रावास) और दिव्यांग बालिका विकास गृह की बच्चियों ने हिंदी, मराठी और पंजाबी के साथ दक्षिण भारतीय भाषाओं के गीतों की प्रस्तुति देकर तालियां बटोरी। मंडल के प्रकल्पों की टीमों ने एकल और समूह नृत्य के साथ गाने की सुमधुर प्रस्तुतियां दीं।
महाराष्ट्र मंडल के दिव्यांग बालिका विकास गृह की प्रभारी मालती मिश्रा ने बताया कि मंडल के सभी प्रकल्पों की टीमों ने सांस्कृतिक रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ सदस्य दीपक पात्रीकर और विनय मधुकर काले थे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि से युवा आईएफएस पुष्कर काले भी उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत संत ज्ञानेश्वर की छात्रा दिव्या साहू, दिव्यांशी साहू और हेमाक्षी साहू ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया।
मंडल के सखी निवास में रहने वाली पूर्णिमा रात्रे अपनी सुमधुर आवाज में ‘तेरी है जमीं, तेरा आसमां’ गीत गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं प्रेमा कुम्हार ने ‘हे गौरीनंदन’ गाया। दिव्यांग बालिका विकास गृह की सीमा सारथी ने ‘जब कोई बात बिगड़ जाए’ की मीठी आवाज में प्रस्तुति दी। वहीं महाराष्ट्र मंडल की ओर से कम्लेश्वरी साहू ने ‘सांसों की माला में सिमरू मैं शिव का नाम’ की सुमधुर प्रस्तुति दी।
संत ज्ञानेश्वर स्कूल (एसडीवी) के बच्चों ने एक से एक नौ प्रस्तुतियां देकर माहौल को एक तरह से अपने पक्ष में कर लिया। तीसरी की दिव्या साहू, दिव्यांशी साहू और हेमाक्षी साहू रिमिक्स गीत में प्रस्तुति दी। वहीं हर्षिता श्रीवास, नैनसी साहू, अभिज्ञा शुक्ला और पावना लास्या ने एकल नृत्य की प्रस्तुतियां दी। पावना और अभिज्ञा ने क्लासिकल नृत्य की प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरी। खुशी त्रिपाठी, स्नेहा मथानी, रिद्धी साहू और शिवानी गोस्वामी ने भांगड़ा प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति के रूप में दिव्यांग बालिका विकास गृह में निवासरत श्रवण बाधित गंगा निषाद, किरण साहू और शशि ने मनमोहक गणपति वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन संत ज्ञानेश्वर विद्यालय की शिक्षिका आराधना लाल और आभार प्रदर्शन परितोष डोनगांवकर ने किया।
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