सस्पेंस- थ्रिलर ‘जस्टिस’ ने दर्शकों को किया रोमांचित
0- महाराष्ट्र मंडल गणेशोत्सव के दूसरे दिन संत ज्ञानेश्वर सभागृह में हिंदी नाटक देखने रंगप्रेमी दर्शकों की उमड़ी भीड़
रायपर। पुरानी हवेली में चौकीदार और उसकी बेटी का भजन ‘कर्मों का हिसाब होकर रहेगा’ पर नृत्य, मूसलाधार बारिश, बादल का गर्जन और बारिश के बीच कहीं दूर से आवाज सुनाई देती है... हवेली में नरकंकाल मिला है, नर कंकाल..। फिर नेपथ्य में शुरू होता है लोगों में चर्चा, अटकलों का दौर…। इस बीच मंच पर अंधेरा दिखाई देता है, जहां एक कोने में झूले वाली चेयर पर जज के लिबास में बैठे एक वृद्ध आदमी की आवाज गूंजती है... घबराइए नहीं, आप लोग सही पहचान रहे हैं, मैं मृत केएल माथुर ही हूं और फिर शुरू होता है 45 मिनट का थ्रिलर ड्रामा...।
बात हो रही है हिंदी नाटक ‘जस्टिस’ की, जिसका मंचन मंगलवार शाम 7:30 बजे महाराष्ट्र मंडल में संत ज्ञानेश्वर सभागृह के कुमुदिनी वरवंडकर स्मृति रंगमंच पर किया गया। मेजर यशवंत गोरे स्मृति गणेशोत्सव के दूसरे दिन पवन ओगले लिखित और आचार्य रंजन मोड़क निर्देशित हिंदी नाटक ‘जस्टिस’ की केंद्रीय भूमिका में मृत जज की भूमिका में आचार्य चेतन गोविंद दंडवते प्रभावशाली अभिनय करते दिखे। फॉरेंसिक एक्सपर्ट पवन ओगले, सहायक अक्षदा मातुरकर, मंत्री जी रविंद्र ठेंगड़ी, वकील समीर टल्लू, डॉक्टर भारती पलोसकर, इंस्पेक्टर विनोद राखुंडे ने बेहतरीन टाइमिंग और डायलॉग डिलीवरी के साथ पूरे समय दर्शकों को बांधे रखते हैं। लोग अनुराधा के कत्ल के तफ्तीश करीब से होते देखते हैंऔर उनके बीच नाटक के अंतिम दृश्य तक अनुराधा का खून आखिर किसने किया, वाला सस्पेंस बना रहता है। अंत में कातिल का पता चलते ही सभी भौंचक रह जाते हैं। बैकग्राउंड म्यूजिक के माध्यम से नाटक को और भी रहस्यमयी, रोचक बनाने के लिए अस्मि जैन के साथ चैतन्य मोडक ने खासी मेहतन की है। गौरव वर्मा व लोकेश साहू का प्रकाश संयोजन, प्रवीण क्षीरसागर, अजय पोतदार की मंच सज्जा, रंगभूषा दिनेश धनगर और नेपथ्य में प्रकाश गुरव व नानक गहलोत की मेहनत दिखती है।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर नाटक देखने के लिए सपत्नीक पहुंचे थे। वहीं बतौर विशेष अतिथि सीएसपी एंटी करपक्शन ब्यूरो राजेश चौधरी ने नाटक की सराहना की। अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने बेहद सीमित समय में गणेशोत्सव के लिए तैयार किए गए नाटक जस्टिस की बेहतरीन प्रस्तुति के लिए बधाई दी।