देश की बिजली खपत अक्टूबर में 21.88 प्रतिशत बढ़कर 159.76 अरब यूनिट रही

देश की बिजली खपत अक्टूबर में 21.88 प्रतिशत बढ़कर 159.76 अरब यूनिट रही
नयी दिल्ली.  देश में बिजली की खपत अक्टूबर में सालाना आधार पर 21.88 प्रतिशत बढ़कर 159.76 अरब यूनिट (बीयू) हो गई। इसकी प्रमुख वजह त्योहारी सीजन के दौरान वाणिज्यिक और औद्योगिक मांग में वृद्धि के साथ देश के कई हिस्सों में ठंडक देने वाले उपकरणों का लगातार इस्तेमाल होना है। देश की कुल बिजली खपत अक्टूबर 2025 में 131.07 अरब यूनिट रही थी।
 विशेषज्ञों के अनुसार, त्योहारी सीजन के दौरान वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली की मांग बढ़ने के साथ देश के कई हिस्सों में ठंडक देने वाले उपकरणों का लगातार इस्तेमाल होने से अक्टूबर में बिजली की खपत बढ़ी। पिछले महीने बिजली की अधिकतम मांग भी बढ़कर 260.73 गीगावाट (जीडब्ल्यू) हो गई, जो अक्टूबर 2025 में 210.82 गीगावाट थी। देश में बिजली की अधिकतम मांग मई 2026 में 270.82 गीगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। बिजली मंत्रालय ने 2026 के गर्मी के मौसम में अधिकतम मांग 270 गीगावाट रहने का अनुमान जताया है।
 विशेषज्ञों ने अक्टूबर में बिजली की मांग स्थिर रहने का अनुमान जताया था। हालांकि, त्योहारी सीजन से पहले औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों की जरूरत बढ़ने की संभावना थी। उनका मानना है कि त्योहारों और देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान के कारण नवंबर में भी बिजली की मांग और खपत स्थिर बनी रहेगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, नवंबर में हिमालय की तलहटी के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर देश के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हिमालय की तलहटी के कुछ क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम या सामान्य रहने का अनुमान है।