बालाजी मंदिर में कुमकुम पूजा कर मांगा अखंड सौभाग्यवती का वरदान, गूंजे सहस्रनामार्चना के स्वर 

बालाजी मंदिर में कुमकुम पूजा कर मांगा अखंड सौभाग्यवती का वरदान, गूंजे सहस्रनामार्चना के स्वर 

आंध्र भवन में तेलुगु भाषी और अन्य समाजों की महिलाओं की उमड़ी भीड़
-टी. सहदेव
भिलाई नगर। सेक्टर-05 स्थित बालाजी मंदिर में गुरुवार को आंध्र साहित्य समिति के तत्वावधान में कुमकुम पूजा का भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। माता लक्ष्मी (देवी पद्मावती) को समर्पित इस पूजा में बड़ी संख्या में तेलुगु भाषी महिलाओं के साथ-साथ अन्य समाज की महिलाओं ने भी श्रद्धा और भक्तिभाव से भाग लिया। महिलाओं ने पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना के लिए विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पूजा के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण और वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजता रहा। समिति के अध्यक्ष पीवी राव एवं सचिव पीएस राव के नेतृत्व में आयोजित यह धार्मिक अनुष्ठान मंदिर के मुख्य पंडित गोपालाचारी के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पारंपरिक विधि-विधान से संपन्न हुआ। पूजा में सम्मिलित महिलाओं के लिए आवश्यक पूजन सामग्री की व्यवस्था समिति की ओर से की गई थी।
माता के अलौकिक सौंदर्य ने सबको मोहा 
पूजा प्रारंभ होने से पूर्व पंडित गोपालाचारी ने मंत्रोच्चारित जल से पूजा स्थल का शुद्धीकरण किया। इसके पश्चात माता लक्ष्मी के उत्सव विग्रह को नूतन वस्त्रों, पुष्पों, आभूषणों एवं आकर्षक अलंकरणों से सुसज्जित कर प्रतिष्ठित किया गया। माता के मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु महिलाएं भावविभोर हो उठीं। पंडित के निर्देशानुसार सभी महिलाएं अपने-अपने स्थान पर विराजमान हुईं और सनातन परंपरा के अनुसार कुमकुम पूजा करते हुए माता लक्ष्मी से अखंड सौभाग्यवती रहने का आशीर्वाद मांगा।
कुमकुम पूजा में शामिल महिलाओं को समिति की ओर से पूजा से पूर्व हल्दी-कुमकुम वितरित किया गया। महिलाओं ने पूजा संपन्न होने के बाद इसे श्रद्धापूर्वक माता के चरणों में अर्पित किया।
माता लक्ष्मी के हजार नामों का हुआ पाठ 
कुमकुम पूजा के दौरान पंडित गोपालाचारी ने माता लक्ष्मी की सहस्रनामार्चना भी कराई। इस अवसर पर देवी लक्ष्मी के हजार नामों का पवित्र पाठ किया गया। सनातन परंपरा में सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य एवं सौभाग्य की प्राप्ति के लिए सहस्रनामार्चना का विशेष महत्व माना जाता है। पंडित के साथ श्रद्धालु महिलाओं ने भी माता लक्ष्मी के सहस्र नामों का पाठ कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। पूजा के समापन के पश्चात समिति की ओर से श्रद्धालु महिलाओं को भेंटस्वरूप लक्ष्मी दीप, हल्दी-कुमकुम, ब्लाउज पीस एवं सुहागन की निशानियां प्रदान की गईं। इसके बाद महिलाओं ने मंदिर प्रांगण में स्थित माता लक्ष्मी के मंदिर में माथा टेककर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
पूजा के सफल आयोजन में समिति के कोषाध्यक्ष टीवीएन शंकर, उपकोषाध्यक्ष एनएस राव एवं संयुक्त सचिव के लक्ष्मी नारायण की विशेष भूमिका रही। इस मौके पर प्रबंध कार्यकारिणी के सदस्य मौजूद थे।