सेवा की कहानी : पुश्तैनी जमीन को मिला अधिकार का दस्तावेज

सेवा की कहानी : पुश्तैनी जमीन को मिला अधिकार का दस्तावेज
-भू-स्वामित्व योजना से ओमप्रकाश को मिला 2.5 डिसमिल भूमि का पट्टा
 रायपुर । कोरिया जिले के ग्राम अंगा निवासी 36 वर्षीय श्री ओमप्रकाश साहू के परिवार की इस जमीन से पीढ़ियों पुरानी जुड़ाव रहा है। उनके पूर्वज 100 वर्ष से अधिक समय से इस जमीन पर काबिज रहे, लेकिन लंबे समय तक भूमि का पट्टा उपलब्ध नहीं था।
अंगा निवासी श्री ओमप्रकाश बताते हैं कि भूस्वामित्व योजना के अंतर्गत उन्हें 2.5 डिसमिल जमीन का पट्टा प्राप्त हुआ है। वर्ष 2015-16 में योजना के तहत 100 वर्ष से अधिक समय से पूर्वजों के काबिज भूमि का पट्टा प्रदान किया गया।
पट्टा मिलने से परिवार को अपनी भूमि के संबंध में एक वैधानिक दस्तावेज प्राप्त हुआ है। ओमप्रकाश के लिए यह दस्तावेज जमीन के अधिकार को स्पष्ट करने के साथ परिवार की आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण आधार है। श्री ओमप्रकाश साहू ने इस योजना से मिले लाभ के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त किया। पीढ़ियों से काबिज जमीन को जब दस्तावेजी पहचान मिली, तो परिवार के लिए यह बदलाव विश्वास और सुरक्षा का आधार बन गया।