दीपावली पर्व पर जिले में ’बिहान बाजार’ बना आकर्षण का केंद्र
0- स्व-सहायता समूह की दीदियों के हुनर ने भरी उड़ान
बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं जिला पंचायत बालोद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी के कुशल एवं प्रेरणादायक मार्गदर्शन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’बिहान’ के अंतर्गत जिला एवं विकासखंड स्तर पर ’बिहान बाजार’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में गुण्डरदेही विकासखंड में 04 से 05 नवंबर तक दो दिवसीय ’बिहान बाजार’ का आयोजन किया गया। इस आयोजन में ग्रामीण क्षेत्रों की स्व-सहायता समूह की महिलाओं (बिहान की दीदियों) द्वारा अपने हाथों से तैयार किए गए विभिन्न प्रकार के आकर्षक, नवीन एवं उपयोगी उत्पादों के स्टॉल लगाए गए।
लोकल फॉर वोकल: दीदियों के स्व-निर्मित उत्पादों की धूम
बिहान बाजार के स्टॉल्स पर दीदियों द्वारा निर्मित पारंपरिक और आधुनिक उत्पादों का शानदार प्रदर्शन और विक्रय किया गया। इनमें मुख्य रूप से आकर्षक एवं कलात्मक मिट्टी व गोबर के दीये, पर्यावरण-अनुकूल कैंडल और मोमबत्तियां, खूबसूरत सजावटी एवं पूजा सामग्री, ट्रेंडी आर्टिफिशियल ज्वेलरी, विभिन्न हस्तशिल्प और अन्य घरेलू उत्पाद शामिल रहे।
इस प्रेरणादायक पहल में जिले के 32 स्व-सहायता समूहों की 61 महिलाओं ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। नागरिकों ने भी लोकल फॉर वोकल की भावना को अपनाते हुए दीदियों के स्वनिर्मित उत्पादों को अत्यंत उत्साहपूर्वक खरीद रहे है, इसी प्रकार विकासखंड बालोद सहित अन्य ब्लॉक में भी बिहान बाजार आयोजित किया जाना है । इस सफल आयोजन से समूह की महिलाओं को अपने उत्पादों के विपणन (मार्केटिंग) के लिए एक बेहतरीन मंच और सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ है, जिससे उनकी आय में वृद्धि की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं।
सफलता की कहानी- संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक
जिले के गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम सिरसिदा स्थित ’भारत माँ स्व-सहायता समूह’ की सदस्य श्रीमती रागनी साहू अपनी सफलता की मिसाल पेश करती हैं। वे बताती हैं कि उनके द्वारा विशेष रूप से गोबर और मिट्टी के आकर्षक दीये, कैंडल तथा आर्टिफिशियल ज्वेलरी तैयार की गई हैं। दीपावली पर्व की उच्च मांग को देखते हुए उनके द्वारा इस वर्ष लगभग 18,000 नग दीये और अन्य सामग्रियां तैयार की गईं, जिनके विक्रय से उन्होंने 75,000 रुपए की शानदार आय अर्जित की है।
उल्लेखनीय है कि पूरे जिले में अब तक बिहान दीदियों द्वारा लगभग 11 लाख रुपए मूल्य के दीयों और विभिन्न पूजन सामग्रियों का कुल विक्रय किया जा चुका है एवं बिहान बाजार के माध्यम से 25 लाख रूपए तक के सामग्री का विक्रय करने की तैयारी है जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमाण है।
महिला सशक्तिकरण की एक अनूठी मिसाल
दीपावली के इस उल्लासमय अवसर पर बिहान योजना से जुड़ी स्व-सहायता समूह की दीदियों ने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट लगन और उत्कृष्ट रचनात्मकता का परिचय दिया है। इन स्टॉल्स के माध्यम से महिलाओं ने न केवल अपनी छिपी हुई कला को मंच दिया, बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और मजबूत कदम भी उठाया है। बिहान योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना और उन्हें समाज में स्वावलंबी बनाना है। दीपावली के पावन पर्व पर आयोजित यह बाजार महिला सशक्तिकरण और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बेहद सराहनीय और अनुकरणीय पहल साबित हुई है।
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