सिंदूर खरीदते समय पहचानें असली और नकली

सिंदूर खरीदते समय पहचानें असली और नकली

हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए सिंदूर बेहद खास होता है और इसे पूजा पाठ में भी इस्तेमाल किया जाता है। महिलाएं सिंदूर से मांग भरती है और ऐसे में जरूरी है कि वह सही हो। आजकल केमिकल कलर वाले सिंदूर मार्केट में खूब बिक रहे हैं, जो देखने में बिल्कुल असली लगता है। अब आप कहेंगे कि चुटकी भर सिंदूर लगाना है असली-नकली का क्या करें? अगर आप लंबे समय से सिंदूर लगा रही हैं और वह नकली है, तो आपको आगे चलकर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इतना ही नहीं आपके बाल भी झड़ सकते हैं, चलिए आपको बताते हैं असली-नकली सिंदूर में क्या अंतर होता है।
कैसा होता है नकली सिंदूर?
सिंदूर का रंग गहरा और चमकीला बनाने के लिए सस्ते पिगमेंट/डाई और कभी-कभी हानिकारक भारी धातुएं मिलाई जा सकती हैं। भारत के NCDC की रिपोर्ट में सिंदूर से जुड़े लेड एक्सपोजर और विषाक्तता का एक मामला भी दर्ज है। इसके अलावा, रेड लेड ऑक्साइड को लेकर भी सरकारी विज्ञान पोर्टल पर जानकारी मौजूद है। यही कारण है कि अब CSIR-NBRI ने बिना भारी धातुओं वाला हर्बल सिंदूर बनाया है।
असली सिंदूर की पहचान कैसे करें
    असली-नकली सिंदूर देखने में एक जैसा लगता है। आपको हथेली पर सिंदूर लेना है और उसे रगड़कर फूंक मारना है। अगर सिंदूर उड़ जाता है, तो वह असली है अगर वह जमा हुआ दिख रहा है, तो कुछ मिलावट है। असली सिंदूर बेहद हल्का होता है, जो उड़ जाता है।
    असली-नकली सिंदूर की पहचान आप पानी के जरिए भी कर सकती हैं। गिलास भर पानी में चुटकीभर सिंदूर डालें और फिर चेक करें। अगर सिंदूर घुलकर पानी का रंग लाल हो रहा है, तो यह केमिकल है। अगर सिंदूर आपका असली है, तो वह घुलेगा नहीं पानी में नीचे बैठ जाएगा और ज्यादा रंग भी नहीं बदलेगा।
    अगर सिंदूर में मिलावट ज्यादा की जाती है, तो स्किन के संपर्क में आते ही वह जलन, खुजली पैदा करता है। अगर आपको सिंदूर लगाने पर ऐसा महसूस हो रहा है, तो उसे न लगाएं और जांच करवाएं। उसमें कई केमिकल मिले हो सकते हैं।
    जरूरत से ज्यादा चटक या असामान्य रंग वाला सिंदूर भी नकली हो सकता है। इसके अलावा अगर आपको सिंदूर से किसी तरह की गंध आ रही हो, तो भी न खरीदें। सिंदूर हमेशा अच्छी क्वालिटी और सही विक्रेता से लें। पैकेट वाला ले रही है, तो उसकी पैकेजिंग पढ़ें।
--